UPSC Civil Services Final Result 2019 Live Updates : हरियाणा के प्रदीप सिंह ने किया टॉप

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UPSC Civil Services Final Result 2019 Live Updates:  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2019 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। परीक्षा में हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले प्रदीप सिंह ने शीर्ष स्थान हासिल किया। यूपीएससी के अनुसार, कुल 829 प्रतिभागियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य लोक सेवाओं के लिए सिफारिश की गई है।  दिल्ली के जतिन किशोर ने द्वितीय और यूपी के सुल्तानपुर की प्रतिभा वर्मा ने तृतीय स्थान हासिल किया है। यूपीएससी सिविल सेवा के जरिए इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (आईएएस), भारतीय पुलिस सर्विसेज (आईपीएस) और भारतीय फॉरेन सर्विसेज (आईएफएस), रेलवे ग्रुप ए (इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस) सहित अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों — प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार– में आयोजित की जाती है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है।

प्रदीप सिंह ने सोनीपत से फोन पर न्यूज एजेंसी भाषा को बताया, ”यह एक सपने के साकार होने जैसा है । यह सुखद आश्चर्य है । मैं हमेशा आईएएस अधिकारी बनना चाहता था । मैं समाज के कमजोर वर्गों के लिये काम करना चाहूंगा। भारतीय राजस्व सेवा के 2019 बैच के अधिकारी 29 वर्षीय सिंह अभी फरीदाबाद में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नार्कोटिक्स अकादमी में पर्यवेक्षण पर हैं । उन्होंने कहा कि उनका जोर शिक्षा और कृषि क्षेत्र को बेहतर बनाने पर होगा क्योंकि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनेंगे । सिंह ने कहा, ” मैंने आईएएस के लिये प्रदेश कैडर के रूप में अपने गृह राज्य हरियाणा को चुना है। मुझे खुशी है कि मुझे अपने राज्य के लिये काम करने का अवसर मिलेगा ।  उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिये छुट्टी ली थी ।

यूपीएससी परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले जतिन किशोर भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के 2018 बैच के अधिकारी हैं और अभी ग्रामीण विकास मंत्रालय में सहायक निदेशक के पद पर हैं ।  उन्होंने न्यूज एजेंसी भाषा से कहा, ”सिविल सेवा परीक्षा के लिये यह मेरा दूसरा प्रयास था । मुझे प्रसन्नता है कि मुझे द्वितीय स्थान मिला।’ 26 वर्षीय किशोर ने कहा कि शिक्षा और पर्यावरण उनके लिये मुख्य क्षेत्र होगा।”

वहीं, भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) की अधिकारी और तीसरा स्थान हासिल करने वाली प्रतिभा वर्मा ने कहा कि वह बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी। उन्होंने कहा, ”किसी भी संकट के समय आईएएस अधिकारी जिस तरह सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हैं, उससे मैं काफी प्रभावित रही । वे कठिन परिस्थिति में हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहते हैं । इसीलिए मैंने फिर परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया (आईआरएस में चयन होने के बाद)।” वर्मा को यूपीएससी की 2018 की परीक्षा में 489वीं रैंक हासिल हुई थी। उन्होंने कहा कि वह महिला सशक्तिकरण और बच्चों से जुड़े विषयों और खासकर अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश में काम करना चाहूंगी। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की निवासी वर्मा ने कहा कि उनके माता पिता ने सिविल सेवा के लिये प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

 

 

यहां पढ़ें UPSC Civil Services Final Result 2019 Live Updates:  

बिहार – वीर कुंवर सिंह विवि के भोजपुरी व हिन्दी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ नीरज सिंह के बेटे पारितोष पंकज को 142वीं रैंक।

बिहार- सारण के गड़खा स्थित केवानी गांव की अन्नपूर्णा सिंह को मिला 194 वां रैंक।

यूपी : नोएडा के सेक्टर 12 निवासी आईआईटी इंजीनियर अपूर्व चौहान ने यूपीएससी में 34 वीं रैंक हासिल की है।  पिछले साल आइपीएस में उन्होंने 148 वीं रैंक हासिल की थी।  अपूर्व के माता-पिता दोनों की डॉक्टर हैं। मूल रूप से मेरठ के रहने वाले अपूर्व का परिवार नोएडा में सेक्टर-12 में रहता है। उनकी माता डॉ आभा चौहान और पिता डॉ सुनील चौहान नोएडा में निजी अस्पताल संचालित करते हैं।

झारखंड –  धनबाद की बेटी डॉक्टर हर्षा प्रियंवदा ने यूपीएससी में आल इंडिया रैंक 165 प्राप्त कर सफलता हासिल की है। प्रियंवदा के पिता डॉ धर्मेंद्र कुमार पीएमसीएच धनबाद में नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि मां डॉ रेखा नायक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चासनाला में हैं।

झारखंड – पाकुड़ की कुमकुम सेन ने यूपीएससी की परीक्षा में 306 वीं रैंक हासिल की है। उन्हें यह सफलता अपांचवें प्रयास में मिली है। कुमकुम ने 2016 एवं 2017 में भी यूपीएससी की परीक्षा के साक्षात्कार में हिस्सा लिया था मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। 2019 के यूपीएससी की परीक्षा में भी वह मेंस तक पहुंची थीं। इस वर्ष जारी यूपीएससी के परीक्षा परिणाम में 306वीं रैंक मिली।

झारखंड- यूपीएससी में देवघर के रवि जैन ने 9वीं रैंक प्राप्त की है। रवि जैन देवघर के जैन मंदिर गली के रहने वाले हैं। गत वर्ष उनका चयन बीपीएससी में हुआ था और अभी वो बिहार के जमुई जिला में सेल्स टैक्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

झारखंड – हज़ारीबाग के दीपांकर राय ने यूपीएससी में 42वीं हासिल की। उनके पिता रविरंजन हज़ारीबाग में एसडीओ रहे थे।

– – हरियाणा में बल्लभगढ़ की बेटी आसिमा गोयल ने यूपीएससी की परीक्षा 65वीं रैंक लाकर उत्तीर्ण की।
– हरियाणा में सोहना के खेड़ला गांव के परीक्षित खटाना ने हासिल की 184वीं रैंक।
– मानेसर की निशा की आई 503 रैंक।

– बिहार में सारण के लहलादपुर प्रखण्ड के सेंदुआर निवासी आशीष कुमार सिन्हा को यूपीएससी परीक्षा में मिला 53 वां रैंक। 79 वां रैंक हासिल करने वाली दिव्या शक्ति के बाद ये दूसरे सफल व्यक्ति हैं।

– नवादा : पकरी बरावां प्रखंड के कबला गांव के संजीव कुमार को यूपीएससी में मिली सफलता। 365वीं रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान।

03:41 PM :  UPSC CSE Result 2019: हिसार के डिविजनल कमिश्नर विनय सिंह की बेटी देवयानी ने 22वीं रैंक हासिल की है।

03:11 PM : टॉपर प्रदीप सिंह हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। प्रदीप सिंह के पिता सुखबीर सिंह गांव के पूर्व सरपंच हैं। 

02:41 PM : बिहार में भागलपुर के श्रेष्ठ अनुपम को यूपीएससी में 19वां रैंक मिला है। वह दिल्ली आईआईटी से कैमिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में बाजी मारी है। अनुपम ने बताया कि पहली बार वे बिना किसी तैयारी हुए थे। इस बार उन्हें सफल होने का पूरा विश्वास था।

02:40 PM :  बिहार में बक्सर जिले के नावानगर का अंशुमन राज ने यूपीएससी में 107 वां स्थान प्राप्त किया । तीसरी बार मे मिली सफलता। पूर्व मुखिया के बेटे हैं अंशुमन। नवोदय विद्यालय बक्सर से ही किये थे इंटर तक की पढ़ाई।

02:39PM :  बिहार के सारण की दिव्या को बिहार में सारण
बिहार में सारण जिले के जलालपुर के कोठयां गांव की रहने वाली दिव्या को यूपीएससी में 79वां रैंक मिला है। आईआईटीएन दिव्या शक्ति ने 79 अंक हासिल कर जिले सहित गांव को गौरवान्वित किया है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह व मंजुल प्रभा की बेटी ने प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप 100 में जगह बनाई तो गांव में जश्न का माहौल है। जलालपुर हाई स्कूल में शिक्षक दिव्या के चचेरे भाई अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बहन ने खुशी का मौका दिया है। वह शुरू से ही यूपीएससी परीक्षा क्वालीफाई करने के लिए लगी हुई थी।आईआईटी बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद भी उसने अपना लक्ष्य आईएएस में सफलता पाने को ही बनाया था। कड़ी मेहनत व परिश्रम के बल पर वह अपना लक्ष्य भी हासिल कर ली।

02:31 PM : सफल उम्मीदवारों को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी बधाई। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 के सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई। इस महान देश के लोगों की सेवा के लिए आपका भविष्य उज्ज्वल हो। जो क्वालिफाइ नहीं कर पाए हैं, और मेहनत करें। दृढ़ निश्चय से आपको जरूर सफलता मिलेगी।’

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